Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जानिठलंगà¥à¤¸ कैंसर के अलग-अलग सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ, लकà¥à¤·à¤£, कारण और बचाव के तरीके
Lung Cancer Symptoms: फेफड़ों के कैंसर में शामिल है- खांसी जो दूर नहीं होती सांस लेते समय या खांसते समय सिटी जैसी आवाज, खून की खांसी, तेज सांत लेते समय छाती में दरà¥à¤¦, आवाज बैठना, बिना कारण वजन कम होना, हडà¥à¤¡à¥€ में दरà¥à¤¦, सरदरà¥à¤¦à¥¤ यदि इसमें कोई लकà¥à¤·à¤£ लंबे समय से है और आम दवाओं या घरेलू इलाज का असर नहीं हो रहा है तो ततà¥à¤•ाल डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
Lung Cancer Reasons: अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करने वालो या तंबाकू खाने वालों में इस कैंसर का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। इसके अलावा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में शराब à¤à¥€ फेफड़ों के कैंसर का कारण बनती है। जो लोग खà¥à¤¦ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करते, लेकिन धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों के लगातार समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में रहते हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ लंगà¥à¤¸ कैंसर हो सकता है। जो लोग बहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण वाले इलाकों में रहते हैं, उनमें à¤à¥€ इस जानलेवा बीमारी की आशंका रहती है।
Lung Cancer Stages: सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 0 का मतलब है कि फेफड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोशिकाओं की ऊपरी परतों में कैंसर घर कर गया है।। सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 1 बताता है कि टà¥à¤¯à¥‚मर फेफड़े में विकसित हो गया है, लेकिन 5 सेंटीमीटर से कम है और शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों में नहीं फैला है। वहीं सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 2 का मतल है कि टà¥à¤¯à¥‚मर फेफड़े में लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ तक फैल सकता है। इसके बाद सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 3 बताती है कि कैंसर लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ में पूरी तरह फैल गया है, साथ ही फेफड़ों और आसपास के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ पहà¥à¤‚च गया है। Lung Cancer की आखिरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ होती है कि सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 4, जिसका अरà¥à¤¥ होता है कि कैंसर शरीर के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚, जैसे कि हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• तक फैल गया है।
Lung Cancer Prevention: फेफड़ों के कैंसर से बचना है तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जीवन शैली अपनाà¤à¤‚। यानी धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ या शराब सेवन से दूर रहें। पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार खाà¤à¤‚। फेफड़ों की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ वाले योग और पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤® करें। यदि पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से à¤à¤°à¥‡ वातारण में रहते हैं तो बाहर निकलते समय मासà¥à¤• पहनें। खासतौर पर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से दूर रहना चाहिà¤à¥¤ जिन लोगों की इमà¥à¤¯à¥‚निटी कमजोर हैं यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत कम है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इन बातों का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना होगा। अपने फेफड़ों को मजबूत करने के लिठघरेलू या आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपायों को आजमाà¤à¤‚।
Lung Cancer Treatment: फेफड़ों के कैंसर का इलाज बहà¥à¤¤ जटिल है। इसका इलाज होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• तरीके से à¤à¥€ किया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• शरीर से कैंसर के टिशू को समापà¥à¤¤ कर देता है। इसके अलावा, रेडियोथैरेपी, कीमोथैरेपी, टारà¥à¤—ेटेड थैरेपी इसके इलाज हैं। अधिकांश मामलोंं में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कैंसर सरà¥à¤œà¤°à¥€ कराने की सलाह देते हैं जिसमें कैंसर टिशू को काट दिया जाता है ताकि वह शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों में न फैले।
| --------------------------- | --------------------------- |